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मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संघर्ष क्यों

खेती और किसानी को बरबाद करने वाले तीन कानून

मोदी सरकार महामारी और लॉकडाउन के बीच सितम्बर 2020 में तीन नये कृषि कानून ले आई.

कोविड-19 की दूसरी लहर की कहानी - पीडि़तों की जुबानी


एक ही परिवार में कई सदस्य इस बीमारी से मर गए

कोविड-19 का कहर कई परिवरों पर ऐसा टूटा कि वे सकते में हैं. एक ही परिवार के दो या अधिक लोग इस बीमारी की चपेट में आए और आगे.पीछे मौत का शिकर हो गए. आम तौर पर यह मान लिया जाता है कि वृद्ध मां, पिता या अन्य नजदीकी परिजन अपने प्रियजन की मौत के सदमे को झेल नहीं पाए और वे भी मर गए. लेकिन, कोविड-19 के मामले में ऐसा मानना सही नहीं लगता. सच्चाई तो यह है कि लगभग पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमित हुआ और एक से अधिक लोग मौत की चपेट में आ गए.

कोविड की दूसरी लहर का सच

हर मौत को गिनें, हर गम को बांटें

कोविड-19 की दूसरी लहर अप्रैल.मई के महीनों में अपने चरम पर थी. बिहार में इस महामारी से मरने वालों की सही संख्या को लेकर जारी विवाद अभी तक थमा नहीं है. इस बीच न जाने कितने मृतकों के शव ‘शववाहिनी’ गंगा में बहाये, श्मशान घाटों पर जलाये और कब्रिस्तानों में दफनाये गए होंगे.

पार्टी सदस्यों के लिए जानकारी की कुछ बुनियादी बातें

हमारे पार्टी सदस्यों को मार्क्सवाद के बुनियादी उसूलों तथा अपनी पार्टी से संबंधित बुनियादी बातों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए. इसके बगैर एक मजबूत कम्युनिस्ट पार्टी की कल्पना नहीं की जा सकती. पार्टी का सामान्य कार्यक्रम और पार्टी संविधान हमारी पार्टी के बुनियादी दस्तावेज हैं, मगर हमारे बहुतेरे सदस्य ऐसे हैं जो इसकी जानकारी नहीं रखते हैं. हमारी पार्टी में नए-नए सदस्यों की भर्ती का सिलसिला भी जारी है और जारी रहेगा. उन्हें पार्टी की बुनियादी बातों की जानकारी अवश्य रखनी चाहिए.